सेहतुम पत्रिका
नई दवा या दिनचर्या बदलने के बाद कब्ज़: क्या बदला है?
यात्रा या नई काम की पाली में शौच का नियमित समय छूट गया। या पर्चे की दवा बदलने के बाद मल कड़ा होने लगा। समय का मेल उपयोगी सुराग है, लेकिन अकेले उससे वजह साबित नहीं होती। पहले बदलावों को क्रम में रखें।

सिर्फ़ लक्षण नहीं, उस हफ़्ते को याद करें
NIDDK के अनुसार यात्रा, खाने या दवा में बदलाव और शौच की इच्छा रोकना कब्ज़ से जुड़ सकते हैं। काम का नया समय पानी पीने, भोजन, चलने-फिरने या निजी शौचालय की सुविधा भी बदल सकता है। एक साथ कई बातें असर डाल सकती हैं। मल आपके सामान्य से कड़ा या कम बार कब होने लगा, लिखें; फिर यात्रा, काम की पाली, बीमारी या नई दवा की तारीख़ जोड़ें।
नोट छोटा रखें: पहले का तरीका, अब क्या हो रहा है, ज़ोर लगाना या दर्द, और सबसे पहले क्या बदला। शौच की आदत अचानक बदल गई हो या कब्ज़ बनी रहे, तो डॉक्टर से बात करें; पुराना समय लौट आने से सब समझ आ जाएगा, यह मानकर न चलें। कड़े मल पर हमारी पहले की लेख का ज़ोर लक्षण बताने पर है; यहाँ सवाल है कि उसके शुरू होने के आसपास क्या बदला।
सभी दवाओं की सूची साथ रखें
NIDDK आयरन सप्लीमेंट, कुछ एंटासिड, दर्द की कुछ दवाओं और दूसरी दवाओं को संभावित कारणों में गिनता है। इसका मतलब यह नहीं कि हाल में देखी एक गोली ही ज़िम्मेदार है। पर्चे की, बिना पर्चे की दवाओं और सप्लीमेंट के नाम, मात्रा और शुरू करने की तारीख़ लिखें। मात्रा बदली हो तो वह भी बताएं। डॉक्टर या फ़ार्मासिस्ट समझने में मदद कर सकते हैं कि दवा की भूमिका हो सकती है या नहीं।
सिर्फ़ तारीख़ मिलने के कारण लिखी हुई दवा या आयरन सप्लीमेंट खुद बंद न करें। NIDDK किसी भी बदलाव पर स्वास्थ्यकर्मी से बात करने को कहता है; ज़रूरत हो तो दवा लिखने वाले डॉक्टर मात्रा बदल सकते हैं या दूसरा विकल्प चुन सकते हैं। लक्षण बने रहने पर कारण समझे बिना बार-बार रेचक दवा लेना भी उपयोगी चर्चा को टाल सकता है।
सहज दिनचर्या लौटाएँ, पर चेतावनी संकेत न टालें
चेतावनी संकेत न हों, तो शौच की इच्छा आने पर समय निकालने, नियमित पानी पीने और उपलब्ध खाने से धीरे-धीरे फ़ाइबर बढ़ाने की कोशिश करें। NIDDK फ़ाइबर थोड़ा-थोड़ा बढ़ाने और उसके साथ पर्याप्त तरल लेने की सलाह देता है। हल्की गतिविधि और शौच के लिए नियमित अवसर भी मदद कर सकते हैं। ये ठीक आदतें हैं, लेकिन दवा से जुड़ी समस्या अपने आप मिट जाएगी, इसकी गारंटी नहीं।
कब्ज़ सुधर न रही हो, बार-बार लौटती हो या दवा बदलने के साथ शुरू हुई हो, तो चिकित्सकीय सलाह लें। मल में खून, लगातार पेट दर्द, उल्टी, बुखार, गैस भी न निकलना या बिना प्रयास वज़न घटना हो, तो जल्दी जाँच कराएँ। हमारी कब्ज़ गाइड सामान्य मुलाक़ात से पहले लक्षण और बदलाव क्रम में रखने में मदद कर सकती है; वह वजह या कौन-सी दवा बदलनी है, यह तय नहीं करती।
अपनी स्थिति को समझें
कब्ज़ की गाइड देखें →स्रोत: NIDDK — Symptoms and causes of constipation · NIDDK — Treatment for constipation · NHS — Constipation · NIDDK — Eating, diet and nutrition for constipation
