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चिंता से शरीर में भी लक्षण होते हैं? जाँच कब कराएँ?

काम के दौरान या भीड़ भरे सफ़र में दिल तेज़ धड़के, हाथ काँपें या पेट में बेचैनी हो, तो डर लग सकता है। चिंता का असर शरीर पर हो सकता है, लेकिन संभावित संबंध समझना और असली कारण जानना अलग बातें हैं। नए या परेशान करने वाले शारीरिक लक्षणों पर अलग से ध्यान देना ज़रूरी है।

सीने के पास हाथ रखकर चिंतित दिखती भारतीय कपड़ा-कर्मचारी

चिंता के साथ शारीरिक लक्षण भी हो सकते हैं

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दिल की धड़कन महसूस होना, पसीना आना, काँपना और मितली या पेट की तकलीफ़ को चिंता के संभावित लक्षणों में गिना है। NHS चक्कर, साँस फूलना और धड़कन ज़्यादा महसूस होने का भी उल्लेख करता है। कभी ये एहसास चिंता के साथ होते हैं; कभी पहले शरीर में बदलाव महसूस होता है और बाद में व्यक्ति समझ पाता है कि मन भी बेचैन है।

लक्षण कब हुआ, यह डॉक्टर को समझने में मदद कर सकता है, लेकिन उससे अकेले कारण साबित नहीं होता। अचानक शुरू हुआ या धीरे-धीरे बढ़ा, कितनी देर रहा, उस समय आप क्या कर रहे थे और कब कम हुआ, नोट करें। सीने में दर्द, साँस की तकलीफ़, बेहोशी जैसा लगना, ली हुई दवाएँ, चाय-कॉफ़ी और चिंता के विचार भी बताएं। सलाह लेने से पहले यह तय करना ज़रूरी नहीं कि यह पैनिक अटैक था।

इसे केवल ‘चिंता’ मानकर न टालें

धड़कन तेज़ या अनियमित महसूस होने के दूसरे कारण भी हो सकते हैं। NHS दवाओं, आयरन की कमी से एनीमिया, थायरॉयड की समस्या और हृदय की धड़कन में गड़बड़ी जैसी संभावनाएँ बताता है। डॉक्टर स्वास्थ्य का इतिहास पूछकर, जाँच करके और ज़रूरत हो तो ECG जैसी जाँच तय कर सकते हैं। एक जैसा महसूस होने वाला लक्षण अलग-अलग लोगों में अलग कारण से हो सकता है।

धड़कन बार-बार हो, पहले से अधिक होने लगे या कुछ मिनटों से ज़्यादा चले, तो चिकित्सकीय जाँच कराएँ। हृदय की बीमारी या परिवार में हृदय-समस्या का इतिहास हो तो यह बात ज़रूर बताएं। चिंता और उसके शारीरिक असर से काम, घर या नींद संभालना मुश्किल हो तो भी मदद लें। एक ही मुलाक़ात में शरीर के लक्षण और मन की चिंता, दोनों पर बात कर सकते हैं।

किन संकेतों पर इंतज़ार न करें

धड़कन रुक न रही हो, या उसके साथ सीने में दर्द, साँस फूलना, बेहोशी जैसा लगना या बेहोशी हो, तो अभी आपात चिकित्सकीय मदद लें। ये लक्षण बंद भी हो गए हों, तो अगली बार का इंतज़ार करने के बजाय जल्दी चिकित्सकीय सलाह लें। भारत में स्थानीय आपात सेवा या नज़दीकी अस्पताल के आपात विभाग से संपर्क करें; NHS स्रोत के ब्रिटेन वाले नंबर भारत की सेवा नहीं हैं।

हमारी सात प्रश्नों वाली चिंता के लक्षणों की जाँच पिछले दो हफ़्तों के बारे में पूछती है। इससे डॉक्टर को चिंता का पैटर्न समझाने में मदद मिल सकती है, लेकिन उसका स्कोर तेज़ धड़कन का कारण नहीं बता सकता, शारीरिक बीमारी को खारिज नहीं कर सकता और तत्काल लक्षण को सुरक्षित नहीं ठहरा सकता। चेतावनी संकेत हों तो पहले चिकित्सकीय मदद लें।

स्रोत: WHO — Anxiety disorders · NHS — Anxiety, fear and panic · NHS — Heart palpitations

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