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पहले जो चीज़ें अच्छी लगती थीं, अब उनमें मन नहीं लगता

पौधों को पानी देना, किसी दोस्त से मिलना या परिवार के साथ बैठना जारी है, पर सब बस निभाने जैसा लगता है। अवसाद की बात हो, तो अक्सर पहले उदासी याद आती है। लेकिन लंबे समय तक रुचि या आनंद कम होना भी ध्यान देने योग्य है, भले आप खुद को उदास न कहें।

साधारण अपार्टमेंट की बालकनी में पौधों के पास चुपचाप बैठी बुज़ुर्ग भारतीय महिला

अपनी पहले की दिनचर्या से तुलना करें

कोई अपनी खास चीज़ याद करें—पौधों की देखभाल, काम पर जाते हुए संगीत, दोस्तों के साथ खेल या खाने के बाद बातचीत। अब उसे शुरू करना कठिन है, या करते हैं पर अच्छा नहीं लगता? बदलाव केवल एक काम में है या कई हिस्सों में? सवाल यह नहीं कि शौक़ ‘काफ़ी महत्वपूर्ण’ है या नहीं; सवाल है कि आपके सामान्य अनुभव से क्या बदला।

WHO के अनुसार अवसाद के एक दौर में दिन के अधिकतर समय, लगभग हर दिन, कम-से-कम दो हफ़्तों तक उदासी या रुचि और आनंद में कमी हो सकती है, साथ में दूसरे लक्षण भी होते हैं। इससे आपका निदान नहीं होता। NIMH बताता है कि थकान, नींद और ध्यान में बदलाव तथा लोगों से दूरी भी साथ हो सकती है। मदद माँगने के लिए रोते हुए दिखना ज़रूरी नहीं।

एक ही वजह तय करने की जल्दी न करें

काम का कठिन दौर, किसी अपने का शोक, बीमारी या दवा में बदलाव—कई बातें आपकी ऊर्जा और रुचि बदल सकती हैं। NIMH के अनुसार कुछ शारीरिक स्थितियाँ और दवाएँ भी अवसाद जैसे लक्षण दे सकती हैं। बदलाव कब शुरू हुआ और उस समय क्या चल रहा था, नोट करें, लेकिन केवल समय देखकर वजह पक्की न मानें और लिखी हुई दवा खुद बंद न करें।

एक-दो हफ़्तों तक लिखें कि कौन-से काम अभी हो पा रहे हैं, किनसे दूर होने लगे हैं, नींद और ऊर्जा कैसी है और काम, पढ़ाई या घर की ज़िम्मेदारी पर क्या असर है। यह ‘आप पर्याप्त कोशिश कर रहे हैं या नहीं’ जाँचने का तरीका नहीं है। डॉक्टर को सिर्फ़ ‘ठीक हूँ, थोड़ी थकान है’ कहने से ज़्यादा साफ़ तस्वीर मिलेगी। भरोसेमंद व्यक्ति से भी बिना बीमारी का नाम दिए यह बदलाव साझा कर सकते हैं।

पूरी ज़िंदगी रुकने से पहले मदद लें

रुचि की कमी बनी रहे, कई कामों तक फैल जाए या दिनचर्या कठिन बना दे, तो योग्य डॉक्टर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बात करें। NIMH बने रहने या बढ़ते लक्षणों पर मदद लेने को कहता है; परेशानी हो रही हो तो किसी तय दिन-गिनती का इंतज़ार ज़रूरी नहीं। डॉक्टर मनोदशा, शारीरिक स्वास्थ्य, दवाओं और सही सहायता पर विचार कर सकते हैं।

हमारी मनोदशा के लक्षणों की जाँच पिछले दो हफ़्तों में रुचि के बदलाव को अन्य अनुभवों के साथ क्रम में रखने में मदद कर सकती है। इससे अवसाद का निदान नहीं होता और दूसरी वजह खारिज नहीं होती। खुद को नुकसान पहुँचाने का विचार आए या आप असुरक्षित महसूस करें, तो ऑनलाइन जाँच के बजाय तुरंत स्थानीय आपात या मानसिक स्वास्थ्य सहायता लें।

स्रोत: WHO — Depressive disorder · NIMH — Depression · NIMH — My Mental Health: Do I Need Help?

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