सेहतुम पत्रिका
परिवार में डायबिटीज़ है? जोखिम जाँच से पहले क्या पूछें
माता या पिता को डायबिटीज़ है तो जोखिम जाँच से पहले यह जानना उपयोगी है। घर पर छोटी-सी बातचीत से आपका जवाब ज़्यादा सही हो सकता है और डॉक्टर को भी संदर्भ मिलेगा। लेकिन केवल पारिवारिक इतिहास से पता नहीं चलता कि आपको डायबिटीज़ है या नहीं।

माता और पिता के बारे में अलग-अलग पूछें
इंडियन डायबिटीज़ रिस्क स्कोर चेन्नई में ऐसे वयस्कों की पहचान में मदद के लिए बनाया गया था जिन्हें डायबिटीज़ हो सकती है पर अभी पता नहीं है। इसमें परिवार वाले सवाल का जवाब इस आधार पर बदलता है कि किसी भी माता-पिता को नहीं, एक को या दोनों को डायबिटीज़ है। संभव हो तो माँ और पिता से पूछें कि क्या कभी डॉक्टर ने उन्हें डायबिटीज़ बताई थी। जवाब देने के लिए उनका अभी का ब्लड शुगर नंबर जानना ज़रूरी नहीं है।
किसी माता-पिता का निधन हो चुका हो, वे दूर रहते हों या जवाब न दे सकें तो करीबी रिश्तेदार से पूछ सकते हैं। अनुमान न लगाएँ। हमारी जोखिम जाँच में ‘मुझे नहीं पता’ का विकल्प है; जानकारी मिलने पर दोबारा जवाब दे सकते हैं। जानकारी न होना कम जोखिम का प्रमाण नहीं है।
डॉक्टर को केवल स्कोर वाली बात न बताएँ
इस सवाल में केवल माता-पिता गिने जाते हैं, भाई-बहन या दादा-दादी नहीं। इसका मतलब यह नहीं कि बाकी पारिवारिक जानकारी बेकार है। CDC सलाह देता है कि करीबी रिश्तेदारों की बीमारी और, यदि पता हो, निदान की उम्र डॉक्टर को बताएं। भाई या बहन को डायबिटीज़ है तो डॉक्टर को ज़रूर बताएं, भले ही उससे इस प्रश्नावली में माता-पिता वाला जवाब न बदले।
किसी रिश्तेदार को टाइप 1 या टाइप 2 डायबिटीज़ थी, यह साफ़ न हो तो खुद से प्रकार तय न करें। जितना पता है उतना बताएं। पहले कभी ब्लड शुगर अधिक बताया गया हो या खुद कोई लक्षण हों तो वह भी बताएं।
पारिवारिक इतिहास संकेत है, फ़ैसला नहीं
परिवार में डायबिटीज़ होने से जोखिम बढ़ सकता है, पर इसका मतलब यह नहीं कि आपको ज़रूर होगी। माता-पिता में किसी को बीमारी न होने की जानकारी भी डायबिटीज़ को ख़ारिज नहीं करती। उम्र, कमर का माप और शारीरिक गतिविधि भी इस भारतीय स्कोर में देखे जाते हैं। इस समय डायबिटीज़ है या नहीं, यह जानने के लिए उचित खून की जाँच चाहिए।
असामान्य प्यास या बार-बार पेशाब आने जैसे लक्षण हों तो ऑनलाइन जोखिम नतीजे का इंतज़ार करने के बजाय डॉक्टर से जाँच के बारे में पूछें। लक्षण न हों लेकिन परिवार में बीमारी हो तो पूछें कि आपकी जाँच कब होनी चाहिए। डॉक्टर केवल एक पारिवारिक जवाब के बजाय आपकी पूरी स्थिति देख सकते हैं।
मुलाक़ात से पहले छोटा नोट
किस रिश्तेदार को डायबिटीज़ बताई गई थी, लगभग किस उम्र में यदि पता हो, अपने लक्षण और पुरानी खून की जाँच के नतीजे लिख लें। जो बात पता नहीं है उसे अज्ञात ही रहने दें। मक़सद पूरी वंशावली बनाना नहीं, डॉक्टर से बात साफ़ ढंग से करना है।
अपनी स्थिति को समझें
डायबिटीज़ जोखिम जाँच देखें →स्रोत: Mohan et al. — Original Indian Diabetes Risk Score study · CDC — Family health history

